New Delhi : अगर आप चाहते हैं कि आपकी छोटी सी गलती जो आम लोग कभी कभी कर देते हैं वो आपको जेल ना भेज दे तो तुरंत अपने फोन में तीन सेटिंग्स को चेंज कर दें।
जैसा कि सबको पता है कि गूगल हमारी सभी एक्टिविटीज को फॉलो करती है। हमारा सारा डाटा गूगल के पास स्टोर रहता है ताकि वो उसके आधार पर यूजर को बेहतर एक्सपीरियंस दे सके।
अगर आप गूगल के वॉइस असिस्टेंट का यूज कर रहे हैं तो बोल कर कुछ भी सर्च कर सकते हैं, किसी को भी कॉल कर सकते हैं, फोटो ले सकते हैं और अलार्म सेट कर सकते हैं।
लेकिन शायद आपको पता नहीं होगा कि आप ये जो भी कमांड देते हैं वो गूगल के डाटाबेस में ऑडियो फाइल के रूप में सेव हो जाती है। मतलब आपका पूरा रिकॉर्ड गूगल के पास सेव हो जाता है।
जिसके जरिए आपको ट्रेक करने के साथ ही पूरी नजर आप पर रखी जाती है। लेकिन परेशान होने की जरूरत नहीं है आप इस सेटिंग को ऑफ करके ऐसा होने से रोक सकते हैं। इस सेटिंग को यूज करना बहुत ही आसान है आइए जानते हैं इसके बारे में।
आईटी एक्सपर्ट मंगलेश एलिया का कहना है कि गूगल हम पर पूरी तरह नजर तो रखती है लेकिन उसके कुछ फायदे भी होते हैं। जैसे आपकी गूगल सर्च के मुताबिक आपको पसंदीदा या जरूरत की चीजों के एड आने लगते हैं। ऐसे ही दूसरे कई फायदे हैं। यूजर को खुद डिसाइड करना चाहिए कि वो फायदे और नुकसान साथ चाहते हैं या नहीं।
जैसा कि सबको पता है कि गूगल हमारी सभी एक्टिविटीज को फॉलो करती है। हमारा सारा डाटा गूगल के पास स्टोर रहता है ताकि वो उसके आधार पर यूजर को बेहतर एक्सपीरियंस दे सके।
अगर आप गूगल के वॉइस असिस्टेंट का यूज कर रहे हैं तो बोल कर कुछ भी सर्च कर सकते हैं, किसी को भी कॉल कर सकते हैं, फोटो ले सकते हैं और अलार्म सेट कर सकते हैं।
लेकिन शायद आपको पता नहीं होगा कि आप ये जो भी कमांड देते हैं वो गूगल के डाटाबेस में ऑडियो फाइल के रूप में सेव हो जाती है। मतलब आपका पूरा रिकॉर्ड गूगल के पास सेव हो जाता है।
जिसके जरिए आपको ट्रेक करने के साथ ही पूरी नजर आप पर रखी जाती है। लेकिन परेशान होने की जरूरत नहीं है आप इस सेटिंग को ऑफ करके ऐसा होने से रोक सकते हैं। इस सेटिंग को यूज करना बहुत ही आसान है आइए जानते हैं इसके बारे में।
आईटी एक्सपर्ट मंगलेश एलिया का कहना है कि गूगल हम पर पूरी तरह नजर तो रखती है लेकिन उसके कुछ फायदे भी होते हैं। जैसे आपकी गूगल सर्च के मुताबिक आपको पसंदीदा या जरूरत की चीजों के एड आने लगते हैं। ऐसे ही दूसरे कई फायदे हैं। यूजर को खुद डिसाइड करना चाहिए कि वो फायदे और नुकसान साथ चाहते हैं या नहीं।

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