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Monday, 12 March 2018

भारत बना सोलर पावर की राजधानी, चीन चिंतित!

भारत ने रविवार को इंटरनैशनल सोलर अलायंस (आईएसए) के पहले सम्मेलन का आयोजन किया। 121 देशों को एक साथ लाने वाला यह आयोजन हाल के समय का सबसे बड़ा कूटनीतिक आयोजन है। माना जा रहा है कि पूरी दुनिया में गैरपरंपरागत ऊर्जा स्रोतों को अपनाने की मुहिम जिस तरह तेज हुई है, उसमें इस सम्मेलन ने भारत को दुनिया में सोलर पावर की राजधानी के तौर पर स्थापित किया है।

आईएसए का सचिवालय भी गुरुग्राम में बनाया गया है। एक उपलब्धि यह भी है कि भारत को इस गठजोड़ में फ्रांस जैसे उन्नत सोलर तकनीक वाले देश का सहयोग मिला है। विदेश मामलों के संयुक्त सचिव (यूरोप पश्चिम) के नागराज नायडू ने यह भी बताया कि अमेरिका और चीन भी आईएसए में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन समझौते पर उनके हस्ताक्षर अभी बाकी हैं।

नई दिल्ली में रविवार को अलायंस की पहली बैठक की सह-अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों ने की। अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने देश में सौर बिजली परियोजनाओं को सस्ता कर्ज उपलब्ध करवाने पर जोर दिया। पीएम ने देश में वर्ष 2022 तक अक्षय ऊर्जा स्रोतों से बिजली उत्पादन 175 गीगावॉट तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई। इससे भारत अक्षय ऊर्जा के विस्तार में यूरोपीय संघ से आगे निकल जाएगा। इसके लिए देश में सौर प्रौद्योगिकी मिशन शुरू किया जाएगा।
सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों ने आईएसए को वास्तविकता बनाने के लिए भारत एवं अन्य देशों की सराहना की। मोदी की उपस्थिति में मैक्रों ने कहा, ‘प्रधानमंत्री जी, आपने एक स्वप्न देखा था और हमने इसे कर दिखाया। दो साल पहले यह मात्र एक विचार था। आज यह एक बड़ा परिवर्तन है।’
यह अलायंस सोलर प्रॉजेक्टों को वित्तीय संसाधन दिलवाने में मदद करेगा। इससे सस्ते सोलर इक्विपमेंट के बाजार में चीन का दबदबा खत्म होगा। दुनियाभर में यह राय जोर पकड़ रही है कि चीन गरीब देशों को विकास के नाम पर कर्ज के जाल में फंसा रहा है। इस बैठक में सौर ऊर्जा के धनी 40 से ज्यादा देशों की मौजूदगी थी, लेकिन इनमें कई आर्थिक रूप से गरीब हैं।

पीएम ने दिए दस मंत्र

इस मौके पर मोदी ने दस सूत्रीय र्कारवाई योजना पेश की। इस में सभी राष्ट्रों को सस्ती सौर प्रौद्योगिकी दिलवाना, उत्पादित बिजली का हिस्सा बढ़ाना, नियमन और मानदंड बनाना, ऋण योग्य सौर परियोजनाओं के लिए सलाह देना और विशिष्टता केंद्रों का नेटवर्क बनाना शामिल है। मोदी ने आईएसए की स्थापना में भी मुख्य भूमिका निभाई है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों रविवार को अपनी पत्नी ब्रिगित मैक्रों के साथ ताजमहल देखने आगरा पहुंचे। डेप्युटी सीएम दिनेश शर्मा और आगरा के मेयर नवीन जैन ने खेरिया हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की। मैक्रों दम्पती के सामने ब्रज के लोक कलाकारों ने मयूर नृत्य औरर ब्रज की होली भी पेश की।

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